भारशिव नागवंशी क्षत्रिय चक्रवर्ती सम्राट महाराजा सुहेलदेव देव राजभर जी जैसा वीर पुरुष कोई था हि नहीं, महाराणा प्रताप और वीर शिवाजी दोनों महाराजा सुहेलदेव देव राजभर जी के पदचिन्हों पर चले हैं, महाराजा सुहेलदेव राजभर जी की तुलना किसी से भी नहीं किया जा सकता है,
महाराजा सुहेलदेव राजभर जी नें 18 वर्ष की आयु में मात्र बीस हजार सेना लेकर एक लाख बीस हजार विदेशी आक्रांताओं को धुल चटाकर राष्ट्र देश धर्म , संस्कृति सभ्यता की रक्षा कियें, महाराजा सुहेलदेव राजभर की डर से लगभग दों सौं वर्षों तक किसी भी विदेशी आक्रांताओं को भारत की सरजमी पर हमला करने का साहस नहीं हुआ, महाराजा...
सुहेलदेव राजभर जी अपनें राज्य का क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए किसी भी राज्य पर चढ़ाई नहीं किए थे,ऐसे थे महाराजा सुहेलदेव राजभर जी, महाराजा सुहेलदेव राजभर जी की शौर्य गाथा पूरे विश्व भर में ब्याप्त है,,किसी से तुलना करके महाराजा सुहेलदेव राजभर जी वीरता को अपमानित मत करिये, !!
हर हर महादेव, ओम् भारशिवाय नमः
जय भारशिव क्षत्रिय सुहेलदेव राजभर जी..
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