भारत का 26 जनवरी से एक ऐतिहासिक रिश्ता है बल्कि हमारे संविधान को भी 26 जनवरी के दिन इसलिए लागू किया गया क्योंकि 26 जनवरी के पीछे एक अनोखी कहानी है.
January को ही क्यों लागू हुआ भारतीय संविधान, पढ़ें अनोखी कहानी
Republic Day 2021: पूरा भारतवर्ष गणतंत्र दिवस (Republic Day) की तैयारियों में जुटा हुआ है. वैसे तो अधिकतर लोगों को पता होता है कि देश में गणतंत्र दिवस इसलिए मनाई जाती है क्योंकि इस दिन हमारा संविधान लागू हुआ था लेकिन 26 जनवरी को इतना ऐतिहासिक बनाने के पीछे एक और वजह भी है. भारत का 26 जनवरी से एक ऐतिहासिक रिश्ता है बल्कि हमारे संविधान को भी 26 जनवरी के दिन इसलिए लागू किया गया क्योंकि 26 जनवरी के पीछे एक अनोखी कहानी है. Also Read - Republic Day 2021 Shayari: लहू वतन के शहीदों का रंग लाया है, उछल रहा है जमाने में नाम-ए-आजादी... पढ़ें खास शायरियां
संविधान हुआ लागू (Indian Constitution) Also Read - Republic Day 2021 Wishes: देशभक्ति से भरे इन खास Messages के जरिए दोस्तों और प्रियजनों को दें गणतंत्र दिवस की बधाई
जब अंग्रेजों द्वारा इस बात की घोषणा की घोषणा की गई कि 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी दे दी जाएगी. उस दौरान भारत के पास अपना कोई संप्रभु संविधान नहीं था. भारत की शासन व्यवस्था अबतक भारत सरकार अधिनियम 1935 पर आधारित थी. इसी कड़ी में 29 अगस्त 1947 को डॉ. बीआर अंबेडकर के नेतृत्व में एक प्रारूप कमेटी का गठन किया गया. इस प्रारूप कमेटी ने 26 नवंबर 1949 को लिखित संविधान को राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को सौंप दिया. इसी संविधान को 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया. इसी दिन को हम गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं. Also Read - Republic Day Parade 2021: 26 January को दिल्ली के राजपथ पर दिखेगी प्रभु श्रीराम की अयोध्या
भारत में अंग्रेजो के खिलाफ शुरुआती दौर में तो कई नेता थे लेकिन मॉडरेट नेताओं ने हमेशा ही प्रार्थना, याचिका का रास्ता अपनाया और मॉडरेट नेता ब्रिटिश शासन को को जस्टिफाई भी करते रहे. लेकिन बाद के कांग्रेस के नेताओं ने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ आजादी की मुहीम की शुरुआत की. नरमदल के नेताओं में कई ऐसे नेता भी आते थे जो ब्रिटिश को भारत से खदेड़ना चाहते थे. हालांकि 1905 के बाद गरमदल के नेताओं का उदय होता है. यहीं से ब्रिटिश के पैर भारत में कमजोर पड़ने लगते हैं. दरअसल भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में भारत को पूर्ण गणराज्य का दर्जा दिलाने की मुहीम शुरू की गई.
26 जनवरी 1949 वह खास दिन बना जब लाहौर में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ और पहली बार भारत को पूर्ण गणराज्य बनाने का प्रस्ताव पेश किया गया. इससे पहले तक भारतीयों की मांग सुशासन या स्वराज की थी. लेकिन 26 जनवरी 1949 के इस अधिवेशन के बाद भारतीय नेताओं ने अपना मत बदल लिया और पूर्ण स्वराज्य की मांग करने लगे. हालांकि ब्रिटिश हुकूमत द्वारा कांग्रेस के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया गया ता. लेकिन जब भारत को आजादी मिली तो 26 जनवरी को ही संविधान लागू किया गया. इस खास दिन की याद में 26 जनवरी के दिन भारतीय संविधान को लागू किया जिसके हम इसे गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं.


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